टीम इंडिया के इस खिलाड़ी का भविष्य अधर में लटका था, लेकिन आज ये वर्ल्ड क्रिकेट का बड़ा स्टार है
Updated: July 20, 2018, 12:33 PM IST
दुनिया के कई ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने स्टार बनने से पहले कई दुख झेले हैं. परेशानियों से लड़कर ही वो आज कामयाब हुए हैं. इन्हीं लोगों में एक नाम मुरली विजय का भी है. आपको बता दें 17 साल की उम्र तक इस खिलाड़ी का भविष्य अधर में लटका था. मुरली विजय को ये नहीं पता था कि उन्हें क्या बनना है? क्या करना है? लेकिन फिर भी इस खिलाड़ी ने तमाम मुश्किलों से जंग लड़ी और आज वो टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद ओपनर्स में से एक माने जाते हैं.
मुरली विजय का संघर्ष
मुरली विजय पढ़ाई की पिच पर बेहद ही खराब बल्लेबाजी करते थे. 12वीं के बोर्ड एग्जाम में वो फेल हो गए थे. बोर्ड में फेल होने के बाद मुरली विजय ने घर छोड़ने का फैसला किया. मुरली विजय के घर छोड़ने के फैसले से उनके परिवार को काफी चिंता हुई, उन्हें लगा कि मुरली फेल होने के बाद निराश हो गए हैं और कहीं वो कोई गलत कदम नहीं उठा लें. लेकिन ऐसा नहीं था, मुरली विजय ने कुछ और ही सोचा हुआ था. मुरली विजय ने अपने मम्मी-पापा से कहा, 'घबराइए नहीं मैं सुसाइड नहीं करूंगा. मैं अपने मुताबिक रहना चाहता हूं, खुद को पहचानना चाहता हूं.'
ग्राउंड में बिताई रातें
मुरली विजय ने घर छोड़ने के बाद अपने दोस्तों के घर रातें बिताई. यही नहीं कई बार वो चेन्नई YMCA और आईआईटी क्रिकेट ग्राउंड में भी सोए. मुरली विजय पेड़ों के नीचे भी सोए. मुरली विजय ने क्रिकेट प्रैक्टिस करने के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब्स भी की. उन्होंने स्नूकर पार्लर में भी काम किया. टीम इंडिया के मौजूदा बॉलिंग कोच भरत अरुण ने मुरली विजय के टैलेंट को पहचाना और उन्हें चेन्नई क्लब क्रिकेट लीग में खेलने का न्योता दिया. पहले पांच मैचों में मुरली विजय को मौका नहीं मिला लेकिन जब वो पहली बार पिच पर उतरे तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
बालों के कारण नहीं हुआ सेलेक्शन
मुरली विजय जब 21 साल के हुए तो उनकी बल्लेबाजी के चर्चे पूरे तमिलनाडु में थे. उम्मीद जताई जा रही थी कि वो तमिलनाडु रणजी टीम में चुने जाएंगे लेकिन लंबे बालों के कारण वो टीम में नहीं चुने गए. इस घटना से मुरली विजय काफी निराश हुए लेकिन वो घबराए नहीं. मुरली विजय ने साल 2006 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और उन्होंने दिल्ली के खिलाफ पहली ही पारी में 59 रनों की अहम पारी खेली. साल 2008 में मुरली विजय ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया.
सॉलिड ओपनर मुरली विजय
मुरली विजय आज टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद ओपनर हैं. 57 टेस्ट में मुरली विजय ने 12 शतकों की मदद से 3907 रन बनाए हैं. मुरली विजय का औसत 40.59 है. फिलहाल टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर है, जहां 1 अगस्त से टेस्ट सीरीज का आगाज हो रहा है. इस सीरीज में मुरली विजय टीम इंडिया के तुरुप के इक्के होंगे. साल 2014 में भी मुरली विजय इंग्लैंड के दौरे पर गए थे. उस दौरे पर विराट कोहली जैसा बल्लेबाज फ्लॉप रहा था लेकिन मुरली विजय ने 5 टेस्ट में 402 रन बनाए थे. उन्होंने 1 शतक और 2 अर्धशतक भी लगाए थे.

मुरली विजय (साभार- ट्विटर)
मुरली विजय का संघर्ष
मुरली विजय पढ़ाई की पिच पर बेहद ही खराब बल्लेबाजी करते थे. 12वीं के बोर्ड एग्जाम में वो फेल हो गए थे. बोर्ड में फेल होने के बाद मुरली विजय ने घर छोड़ने का फैसला किया. मुरली विजय के घर छोड़ने के फैसले से उनके परिवार को काफी चिंता हुई, उन्हें लगा कि मुरली फेल होने के बाद निराश हो गए हैं और कहीं वो कोई गलत कदम नहीं उठा लें. लेकिन ऐसा नहीं था, मुरली विजय ने कुछ और ही सोचा हुआ था. मुरली विजय ने अपने मम्मी-पापा से कहा, 'घबराइए नहीं मैं सुसाइड नहीं करूंगा. मैं अपने मुताबिक रहना चाहता हूं, खुद को पहचानना चाहता हूं.'

मुरली विजय, (साभार- ट्विटर)
ग्राउंड में बिताई रातें
मुरली विजय ने घर छोड़ने के बाद अपने दोस्तों के घर रातें बिताई. यही नहीं कई बार वो चेन्नई YMCA और आईआईटी क्रिकेट ग्राउंड में भी सोए. मुरली विजय पेड़ों के नीचे भी सोए. मुरली विजय ने क्रिकेट प्रैक्टिस करने के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब्स भी की. उन्होंने स्नूकर पार्लर में भी काम किया. टीम इंडिया के मौजूदा बॉलिंग कोच भरत अरुण ने मुरली विजय के टैलेंट को पहचाना और उन्हें चेन्नई क्लब क्रिकेट लीग में खेलने का न्योता दिया. पहले पांच मैचों में मुरली विजय को मौका नहीं मिला लेकिन जब वो पहली बार पिच पर उतरे तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
बालों के कारण नहीं हुआ सेलेक्शन
मुरली विजय जब 21 साल के हुए तो उनकी बल्लेबाजी के चर्चे पूरे तमिलनाडु में थे. उम्मीद जताई जा रही थी कि वो तमिलनाडु रणजी टीम में चुने जाएंगे लेकिन लंबे बालों के कारण वो टीम में नहीं चुने गए. इस घटना से मुरली विजय काफी निराश हुए लेकिन वो घबराए नहीं. मुरली विजय ने साल 2006 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और उन्होंने दिल्ली के खिलाफ पहली ही पारी में 59 रनों की अहम पारी खेली. साल 2008 में मुरली विजय ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया.

(साभार- ट्विटर)
सॉलिड ओपनर मुरली विजय
मुरली विजय आज टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद ओपनर हैं. 57 टेस्ट में मुरली विजय ने 12 शतकों की मदद से 3907 रन बनाए हैं. मुरली विजय का औसत 40.59 है. फिलहाल टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर है, जहां 1 अगस्त से टेस्ट सीरीज का आगाज हो रहा है. इस सीरीज में मुरली विजय टीम इंडिया के तुरुप के इक्के होंगे. साल 2014 में भी मुरली विजय इंग्लैंड के दौरे पर गए थे. उस दौरे पर विराट कोहली जैसा बल्लेबाज फ्लॉप रहा था लेकिन मुरली विजय ने 5 टेस्ट में 402 रन बनाए थे. उन्होंने 1 शतक और 2 अर्धशतक भी लगाए थे.
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