धर्म और सियासत की विरासत समेटे बाबा महाकाल की नगरी में चुनावी मुद्दे और समस्याएं प्रदेश की बाकी जगहों की तरह ही हैं. लेकिन सिंहस्थ की नगरी में अगर नदी प्रदूषित हो तो ये समस्या सिर्फ उज्जैन के लोगों को नहीं बल्कि देश-विदेश में बसे आस्तिक लोगों को भी तकलीफ पहुंचाती है. नर्मदा से जोड़ने के बाद भी क्षिप्रा को नया जीवन नहीं मिल पाया. जिस उज्जैन में कृष्ण, बलराम और सुदामा की शिक्षा हुई हो वहां शिक्षा की समस्या हो तो ये बात किसी के गले नहीं उतरती. कांग्रेस यहां सिहस्थ घोटाला, किसानों को नर्मदा का जल और कपड़ा मिल बंदी को मुद्दा बनाएगी.from Latest News मध्य प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2zxpgqs
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