तनिष्का कहती हैं कि मैं आंख पर पट्टी बांधकर लिख और पढ़ सकती हूं, यूरोप में कत्थक भी कर चुकी हूं, लेकिन मुझे पांचवीं से सीधे 10वीं कक्षा का एग्ज़ाम दिलवाने के लिए मेरी मम्मी भोपाल जाकर शासन से परमिशन के लिए चक्कर लगाती थीं और मैं यहां पढ़ाई करती थी.from Latest News मध्य प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/36G8x4x
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