पिता को बेटी के साथ दुष्कर्म की सजा देते वक्त जज ने मनुस्मृति का श्लोक पढ़ा. उनका मंतव्य था कि अपराधी कोई भी हो, सजा तो मिलनी ही चाहिए. ये कहकर उन्होंने दुष्कर्मी पिता को मृत्युदंड की जगह उम्र कैद की सजा सुनाई.from Latest News मध्य प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/3a9LalL
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